एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
हँसिये
सीधे सवाल के उल्टे जवाब
Jun 4th
प्रश्न: बेटे और गधे में क्या फर्क है?
उत्तर: कमाने वाला बेटा कहलाता है और दूसरा गधा.
प्रश्न: लड़कियां खुशी के मौकों पर रोती क्यों हैं?
उत्तर: ताकि आस पास के पुरुष खुश न रहें.
प्रश्न: वाक्य “अजगर करे न चाकरी, पंछी करे न काम” इसमें अजगर और पंछी क्या हैं?
उत्तर: मालिक और मैनेजर.
प्रश्न: लड़की पर हाथ क्यों नहीं उठाना चाहिए?
उत्तर: अगर लड़की ने हाथ उठा दिया तो मुंह उठाने लायक नहीं रहोगे.
प्रश्न: सबके पास पास घर नहीं होता पर घरवाली होती है, क्यों?
उत्तर: घर का न होना और घर पर किसी और का कब्जा होना बराबर बात है.
आज के लिए इतना ही, सवाल हों तो पूछिए.
अगर बंगलोर बिहार में होता
Jun 1st
अगर बंगलोर बिहार में होता
तो सड़क पर विचरने वाली गायों को देखकर
फिकरे कसे जाते “मंत्री जी हटिये”.
और गौड़ा के नित नए चोंचलों पर
बनता हंसी का पात्र एक पूरा राज्य
और वहां जन्म लेने वाले
तमाम अश्पृश्य और आभिजात्य. More >
पागल हूँ, बेवकूफ नहीं
May 29th
एक बार पागलों को ले कर जाने वाली एक गाड़ी के ड्राईवर को रास्ते में ही दीर्घ शंका की तत्काल आवश्यकता महसूस हुई. वह गाड़ी खड़ी कर निपटने चला गया. लौट कर जब आया तो उसके होश उड़ गए, देखता है कि किसी ने एक चक्का निकाल लिया. अब ड्राईवर बेचारा सर पकड़ कर बैठ गया. उसके पास स्टेपनी तो थी पर नट्स नहीं थे. वह पागलों को छोड़ कर कहीं जा भी नहीं सकता था और न ही उनमे से कोई उसकी मदद कर सकता है. बात पुराने ज़माने की है जब मोबाइल की छोडिये टेलीफोन भी सज्जनों की तरह विरले ही दिखते थे.
बहुत देर तक जब गाड़ी न चली तो एक पागल ने पूछ ही लिया, “क्या हुआ?”
हालाँकि उसे जवाब देने का कोई फायदा नहीं दिखता था फिर भी कोई तो समस्या पर बात करने वाला है सोच कर बोला “गाड़ी एक चक्का कोई निकाल ले गया, स्टेपनी है पर नट्स नहीं हैं. अब इसे लगाऊं तो पहुंचूं.”.
इस पर पागल बोला “तो इसमें ऐसे सर पकड़ कर क्यों बैठे हो? चारों चक्के से एक एक नट निकाल कर चौथा चक्का लगा लो”.
ड्राईवर खुशी से उछला और पागल की तारीफ में बोला “अरे वाह, लोग खामखा तुम्हे पागल कहते हैं तुमने कितने अकल की बात की है”.
पागल बोला “पागल हूँ, बेवकूफ नहीं”.
पुरुषों के लिए सुखी जीवन के १० उपाय
Apr 17th
१) पत्नी बहुत बोलती हो तो? पढ़ने की आदत डालें.
२) पत्नी यदि सुबह की चाय नियमित नहीं बनाती हो तो? चाय बनाना सीख लें.
३) रोज रोज की मगजमारी न कर के पुरी तनख्वाह पत्नी के हाथ में दे देनी चाहिए. हाँ अपना खर्चा काट के ![]()
४) बच्चों के स्कूल की डायरी बच्चों की माँ को ही पढ़ने दें.
५) मकान-मालिक से कब क्या कहना है, पत्नी को स्वयं कहने दें.
६) दफ्तर पहुँचने के बाद शाम लौटने से पहले घर फ़ोन ना करें.
७) बच्चों को डांटे नहीं उसकी माँ से शिकायत करें.
८) उसकी सहूलियत के सामान जैसे कि वाशिंग मशीन, फ्रीज, वाक्यम क्लीनर जरूर खरीद दें. टी वी होना चाहिए (आप ही के काम आएगा).
९) नियमित रूप से उसे कहें की मैं तुम्हे प्यार करता हूँ और तुम बहुत सुन्दर दिख रही हो (डेली नहीं सप्ताह में एक दो बार).
१०) पत्नी यदि पति को नौकर समझे तो पति क्या करे? दो चार घर और पकड़ लेना चाहिए.
इन सब के ऊपर एक नियम ० (शुन्य) है जो हमेशा काम करती है.
०) कोई उपाय काम न करे तो सिर्फ और सिर्फ किस्मत को दोष देना चाहिए.



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