एक गाँव में एक किसान रहता था. उसके तीन बेटे थे. तीनो में कोई काम नहीं करता था. सब के सब मुफ्त की रोटी तोड़ने में यकीन रखते थे. यह देख कर बेचारा बहुत परेशान रहता था. आखिर एक दिन आ ही गया जब उसकी उम्र और चिंताएँ उसके स्वास्थ्य से जीत गयी और वह बीमार रहने लगा. किसान के पास ढ़ेर सारी जमीन पड़ी थी पर उसका कोई भी बेटा जोतने को राजी न था, सब उसकी दिनानुदिन की कमाई और बचाई हुई जमा पूंजी खर्च किये जा रहे थे. Read the rest of this entry »