एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
Archive for January 27, 2009
पहरेदार
Jan 27th
धर्म की चिंता होती उनको
वे भाषा की भी चिंता करते
और राज्य भी तो चिंतनीय है
पर हम अकिंचन पर कोई क्यों चिन्ते
इन्द्र देव को भूल गए वो
और भूले वो रति कामदेव को
इसीलिए तो तोड़ा मदिरालय
किन किन चीजों की बात करें हम
स्वयम्वर भी उन्हें याद नहीं अब
तभी तो विरोध वैलेंटाइन डे का
जो भूल गए मेरे माँ बाप सिखाना
की निज स्वतंत्रता नही धर्म हमारा
वो सिखा रहें हैं अब अपनी जिद से
हंसी आ गयी जब पढ़ा हमने
भेजी नोटिस मीडिया को पुलिस ने
कि नही बताया घटना हुई है कोई
और थोड़ा सा रोना आया उन प्यारों पर
जो निकल पड़े अपराध के रस्ते
कुछ सस्ते सुंदर से नारों पर

आपने कहा