एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
Archive for February 20, 2009
सपनो का फ्लैट
Feb 20th
हम मध्यमवर्गीय थलचरों को
अवश्य चाहिए ईटों का घर
परन्तु जहाँ जीते हैं हम,
वहां न मिलती पब्लिक को घर
साकार करे जो सपना मेरा
मिलती है कुछ ऐसी दीवारें
जिनकी किस्तें भरने में ही
माथे पर उभर आए दरारें
यदि अगर कभी कुछ ऐसा होता
मुझ जैसों की विनती सुन कपीश्वर
ले जाते इन कम्पनियों को गाँव
मेरे सर भी होता अपने घर की छाँव
मारुती तो बिसरे थे कब के
अब तो बिसर गए अपने बंधू.
ख़ुद आते हैं साल पॉँच में घर
जो हर बार बढ़ा कर थोरा उदर.
अब जैसे तैसे मेरे जैसे लोग
लगें हैं लेने एक सपनो का फ्लैट
कि बच सके मासिक कटने वाले
में से थोड़ा इनकम टैक्स.
जो बचेगा टैक्स तो दे पाएंगे
बच्चों के स्कूल में कुछ दान
ताकि बना सके वह भी ख़ुद ही
हम जैसों की दुनिया में पहचान.
आप भी मुस्कुरा देंगे
Feb 20th

अखबार पढ़ती हुई कांक्षा

और उसकी ट्राईसाइकिल चलते हुए कांक्षा के पितामह

आपने कहा