एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
Archive for April 12, 2009
हाँ यह मानसकिता का ही सवाल है
Apr 12th
अभी अभी डाक्टर कुमारेन्द्र ने लिखा..
http://kumarendra.blogspot.com/2009/04/blog-post_4964.html
हाँ यह मानसकिता ही है. अक्षय कुमार का सरेआम जींस के बटन खुलवाना और एक महिला का स्लीवलेस और मिनी स्कर्ट पहन कर बाजार जाना दोनों एक ही तराजू में नहीं रखे जा सकते. एक महिला एक पुरुष के बटन कुछ अन्तरंग क्षणों में ही खोलती है जिसका सार्वजानिक किया जाना उचित नहीं. उस जींस कंपनी का उद्देश्य भी यही था कि यदि आप यह जींस पहनते हैं तो महिलाएं इस खोलने से अपने आपको रोक नहीं पाएंगी. जबकि किसी महिला का स्लीव्लेश और मिनी स्कर्ट पहन कर घूमना यह नहीं कहता कि आओ मेरे साथ सम्भोग करो.
आप ही की बात को आगे बढाते हुए…
इस से सहज कुछ हो ही नहीं सकता कि आप अपनी कमजोरियों के बदले किसी और के गुण या अवगुण पर दोषारोपण कर दें. मैं इसलिए नहीं गरीब हूँ कि मैं कामचोर और अकुशल हूँ, मैं इसलिए गरीब हूँ क्योंकि कोई मुझसे ज्यादा मेहनती और कुशल व्यक्ति बाजार से एक बड़ा हिस्सा ले जाता है.
ठीक इसी तरह बलात्कारी होते हैं. आप अपनी मानसिक कुंठा को दोष न दे कर महिलाओं के वस्त्र, उनकी जीने की आजादी और उन्मुक्त व्यव्हार और विचार को दोष दे दीजिये. मैंने देखा है लोगों को विक्षिप्त महिलों से छेड़खानी करते हुए, यहाँ तक कि उनका बलात्कार भी होता है. उनमे तो यह बोध भी नहीं कि नग्नता क्या होती है. बूढी औरतों का बलात्कार करने को कौन से कपडों ने उकसाया. बच्चियों का बलात्कार क्यों होता है?
आपने समाज की दोहरे उसूलों वाली व्यवस्था को दोष दिया है जिस से मैं भी थोड़ा बहुत सहमति रखता हूँ. पर महिलाओं के जीवन शैली से आप कुकृत्य करने पर उतारू हो जाते हैं तो दोषी महिलाएं नहीं आप हैं. आप मानसिक रूप से कमजोर हैं और आपको यह नहीं सूझता है कि आप को अपने कुंठित यौन विचारों को कैसे दमित करना है.
एक सीधा सा प्रश्न है एक महिला किसी भी कारणवश आपके सामने नग्न भी हो जाये और वह नहीं चाहती की आप उसे छुएँ तो क्या आप बलात्कार का रास्ता अख्तियार कर लेंगे?
पश्चिम में बलात्कार है या नहीं सिर्फ एक शब्द से निश्चित किया जाता है “सहमति”. चाहे वह दो प्रेमी प्रेमिकाओं के बीच ही क्यों न हों, यहाँ तक की वेश्याएं भी बलात्कार का शिकार होती हैं. वहां का कानून और समाज एक बात हरेक पुरुष को अवश्य सिखाता है कि किसी भी महिला को बिलकुल न छुओ यदि उस वह “न” कहे या प्रतिरोध करे.
हमारे समझ को यह सीखना होगा कि महिलाओं के साथ रह कर उनके स्वछंदता को देखते हुए हम कैसे अपने आप को संयमित और संस्कृत रखते हैं.
मैं आप से सहमति रखता हूँ कि ऐसी कुंठित मानसकिता वाले लोगों का या तो इलाज हो या इन्हें समाज से अलग कर दिया जाये. पर समस्या यह है कि यदि हम ऐसा करें तो हमारे समाज का बड़ा हिस्सा या तो कला-पानी के लायक है या मानसिक इलाज के. वास्तव में हमें स्वयं को सुधार कर आने वाली संतति को मजबूत और उदार विचारधारा देनी होगी.
निकला न करो घर से अपने ऐ दोस्त
Apr 12th
मालूम है तुम्हे गोरैया नहीं देती अंडे पुराने घोंसलों में.
पर इंसान एक ही घर, एक ही जगह जिन्दगी देता है गुजार
सोच कर कि एक दिन सुनहरे हो जायेंगे इन घोंसलों के तिनके.
पर यह कुछ नया तो नहीं है.
एक हवा चली है शहर में आजकल
जो खींच कर तुम्हारे होश
फेंक देगी तुम्हे किसी बावली भीड़ में
और तू भी चला जायेगा नारे लगाते हुए.
फिर खेलेंगे वो तुम्हारे दिल से
किसी नरपिशाच की तरह.
तुम्हे याद न रहेगा कुछ और इस जहाँ में,
कभी कभी माँ याद आ जायेगी जब पाओगे खुद को नग्न.
इंसान बहुत ही विकासशील जीव है
और तुम उसका एक नमूना.
तभी तो कोई और बताता है कि तुम्हे कैसे जीना है.
इस से अच्छा विकास और क्या होगा.
और इस विकास के लिए तो वोट डाल
तू बता कि तू किसकी मर्जी से जीना चाहता है
बता उन्हें कि वे पसंद हैं तुम्हे सिरमौर की तरह
और तुम्हे मंजूर है उनका तुम्हारे ख्वाबों का रौंदना.
या फिर कह दो कि नहीं चाहिए तुम्हे किसी का विचार.
दे दो मुझे मेरे हिस्से की जमीन और मेरा आसमान
जहाँ हम दो रोटियां उपजा कर सो जायेंगे आस्मां ओढ़ कर.
बच्चों की किलकारियों के साथ नींद बहुत अच्छी आती है.
रात कुछ ऐसे चली गयी जैसे परायी हो
सूरज ऐसे चढ़ रहा ऊपर जैसे महंगाई हो.
निकला न करो घर से अपने ऐ दोस्त
न जाने कहाँ किस मोड़ पर दिल की रुसवाई हो.
मिथिलाक पावनि तिहार
Apr 12th
पर्व सूची
मौना पंचमी : २३ जुलाई
मधुश्रावनी : ४ अगस्त
नाग-पंचमी : ६ अगस्त
स्वंतंत्रता दिवस : १५ अगस्त
रक्षा बंधन : १६ अगस्त
जन्माष्टमी : २३ अगस्त
कृष्णाष्टमी : २४ अगस्त
कुशी अमावश्या : ३० अगस्त
हरितालिका व्रत : २ सितम्बर
चौठ्चंद्र : ३ सितम्बर
करमा धर्मा : ११ सितम्बर
इन्द्र पूजारम्भ : १२ सितम्बर
अनंत पूजा : १४ सितम्बर
अगस्त्यार्धदान : १५ सितम्बर
पित्रिपक्षारंभ : १६ सितम्बर
विश्वकर्मा पूजा : १७ सितम्बर
जिमूतवाहन व्रत : २२ सितम्बर
मात्रि-नवमी : २३ सितम्बर
सोमावती अमावश्या व्रत : २९ सितम्बर
कलश स्थापन : ३० सितम्बर
गांधी जयन्ती : २ अक्टूबर
बेलनौती : ५ अक्टूबर
पत्रिका प्रवेश : ६ अक्टूबर
महाष्टमी व्रत : ७ अक्टूबर
महानवमी व्रत : ८ अक्टूबर
विजयादशमी : ९ अक्टूबर
कोजगरा : १४ अक्टूबर
धनतेरस : २६ अक्टूबर
दियावाती , श्यामा पूजा : २८ अक्टूबर
अन्नकूट , गोवर्धन पूजा : २९ अक्टूबर
भ्रा-द्वितीया : ३० अक्टूबर
छठी व्रत : ४ नवम्बर
अक्षय नवमी : ७ नवम्बर
देवोत्त्थान एकादशी : ९ नवम्बर
कार्तिक पूर्णिमा : १३ नवम्बर
षा० रविव्रतारम्भ : ३० नवम्बर
विवाह पंचमी : २ दिसम्बर
नवान्न पार्वण : ४ दिसम्बर
मकर संक्रांति : १४ जनवरी
नरक निवारण १४ व्रत : २४ जनवरी
गणतंत्र दिवस : २६ जनवरी
सरस्वती पूजा : ३१ जनवरी
अचला सप्तमी : २ फरवरी
शिवरात्रि व्रत : २३ फरवरी
होलिकादहन : १० मार्च
होली : ११ मार्च
वारूणी योग : २४ मार्च
वा० नवरात्रारम्भ : २७ मार्च
वा० छठी व्रत : १ अप्रील
रामनवमी व्रत : ३ अप्रील
मेष संक्रांति : १४ अप्रील
जूड़ शीतल : १५ अप्रील
षा रविव्रतांत : ३ मई
जानकी नवमी : ३ मई
वटसावित्री व्रत : २४ मई
गंगा दशहरा : २ जून
सोमावती अमावश्या व्रत : २२ जून
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा : २४ जून
हरिशायण एकादशी व्रत : ३ जुलाई
आषाढ़ी गुरु पूर्णिमा : ७ जुलाई
-समाप्त- -end-
मिथिलाक शुभ दिन
Apr 12th
फरवरी २७ | Feb, 27
अप्रील ५, २९ | April 5, 29
मई ४, ५ | May 4, 5
जून २, ३ | June 2, 3
नवम्बर १९, २०, २३, २४, २७, २८, ३० | November 19, 20, 23, 24, 27, 28, 30
दिसम्बर ३ | December 3विवाहक दिन २००९ | Marriage Days 2009
फरवरी २६, २७ | February 26, 27
मार्च ४, ९, ११, १२ | March 4, 9, 11, 12
अप्रील १६, १७, २०, २२, २३, २७, २९ | April 16, 17, 20, 22, 23, 27, 29
मई ३, ४, ६, ८, १७, २०, २१, २४, २५, ३१ | May 3, 4, 6, 8, 17, 20, 21, 24, 25, 31
जून १, ३, ४, ५, ७, ८, १२, १७, २१, २६, २८, २९ | June 1, 3, 4, 5, 7, 8, 12, 17, 21, 26, 28, 29
जुलाई १, २ | July 1, 2
द्विरागमनक दिन २००८ | Dwiragmana Days 2008
नवम्बर २८, ३० | November 28, 30
दिसम्बर १, ३, ४, ५, ८, ११, १२, १४ | December 1, 3, 4, 5, 8, 11, 12, 14
द्विरागमनक दिन २००९ | Dwiragmana Days 2009
फरवरी २६, २७ | February 26, 27
मार्च १, ६, ८,११, १२ | March 1, 6, 8, 11, 12
अप्रील २७, २९, ३० | April 27, 29, 30
मई १, ४, ६, ७, ८, १० | May 1, 4, 6, 7, 8, 10
मुंडनक दिन २००८ | Mundan Days 2008
दिसम्बर ३, ४, ५, ८ | December 3, 4, 5, 8
मुंडनक दिन २००९ | Mundan Days 2009
जनवरी २८, २९ | January 28, 29
फरवरी २, ५ | February 2, 5
मार्च ६ | March 6
अप्रील २९ | April 29
मई १, ६, ७, ११, १८, २९ | May 1, 6, 7, 11, 18, 29
जून ३, ५, १२, २४, २५ | June 3, 5, 12, 24, 25
जुलाई १, २ | July 1, 2

आपने कहा