एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
Archive for May, 2009
सोचता हूँ जरूर मुझे तुमसे प्यार है
May 26th
अपने आप ही छप जाता है जब
खटर-पटर करती उँगलियों से तुम्हारा नाम,
और मोबाइल पर नंबर लगते हुए जब ऑफिस से
डायल हो जाया करती है तुम्हारा ही नंबर,
तो सोचता हूँ जरूर मुझे तुमसे प्यार है. More >
बोरियत
May 25th
आज कल मैं बोर हूँ.
मतलब?
कंफ्यूज्ड, निरर्थक और अकर्मण्य भी हूँ.
यही बात कोई और मुझे कहे तो?
शायद एक गाली सा लगेगा. More >
शुभ प्रभात
May 21st
सुबह हो गयी है. अर्धांगी कल निकल गयी आधी जान को वापस पाने के लिए अभी तक अचेत लेटी है. पुत्र जागते हुए लेट कर ऊर्जा बचा रहा है ताकि आज कल से ज्यादा साईकिल चला पाए. बेटी अपने पौनबोली (यह अधबोली से थोड़ा ज्यादा हुआ) में यह सोच कर कि सब सो रहे हैं कुछ गा रही है. बस उसी के उठने की देर है और घर में सबको जैसे कोई खदेरने लगेगा. उसे यह नहीं पता कि मैं यहाँ एक कोने में चुप से बैठ कर लोगों के ब्लॉग पढ़ रहा हूँ. More >
तरक्की
May 20th
अरसा हो गया जुगनू नहीं दिखा
ना ही गोरैया दिखी सालों से जंगलों पर.
हमने ऐ सी लगवा लिया है घरों में
और बुन दिए दरवाजे और खिड़कियाँ. More >
दुनिया का दुःख
May 20th
अपनी खुशी पर हम खुश हुए कम
औरों के ग़मों ने जी बहला दिया.
दुःख तो अपने दामन में थे बहुत कम
औरों के सुख ने ही जी जला दिया.

आपने कहा