एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
Archive for June, 2009
मानसून हो कि बज़ट
Jun 30th
कितना अच्छा होगा जब
एक ही किताब पढ़ायी जायेगी
दिल्ली से सुदूर गाँव तक.
बिजली का क्या है
दिल्ली में भी कायम नही रहती.
रास्ते में गड्ढे के लिये भी
जरूरी नहीं है किसी गाँव मे होना.
हस्पताल के दरवाजे पर मरने के लिये
कहीं और जाने की जरूरत नहीं.
राख़ आँखों मे उड़ कर गिरे
उसके लिये जरूरी है
कि हवा करो.
या फिर मारो पैर
राख से ढंके आग के ढेर में.
पर कहाँ.
हमें तो आदत हो गयी है
भींगे भींगे से रहने की.
कब फ़र्क पड़ता है
मानसून आया कि नहीं.
या बजट बनायी जाये
सिर्फ़ पूँजीपतियों और वोटों के लिये.
गोया मानसून हो कि बज़ट
घर और सपने तो टूटेंगे ही.
खैर, आप अख़बार पढ़िये
और चलिये, करते हैं
कुछ उम्दा किस्म की बहस.
वह कविता कैसे बनाऊँ मैं
Jun 29th
लगे आपको “अप्रतिम”
वह शब्द कहाँ से लाऊँ मैं.
स्वरचित अज्ञान शिविर में
जब तड़प रहा हूँ हर दिन मैं.
अतुल्य लगे जो पाठक को
और जलाये दीप तिमिर में
वह कविता कैसे बनाऊँ मैं.
शब्द नहीं हैं पास मेरे
भाव गये कब के संग छोड़.
लिखना नहीं चाहता हूँ मैं
पर जब दबते हाथों के पोड़.
बह जाती मसि की इक धार
फिर बिखरते शब्द चहुँ ओर.
लोग कहें कि कविता हो गयी
शर्म से देखूँ मैं तब मुँह मोड़.
क्योंकि ऐसे गिनकर थक जाओगे
Jun 25th
एक लड़की पर तेज़ाब डाला गया.
दूसरी जींस पहन कर घूम रही थी.
तीसरी ने अपनी माँ की हत्या कर दी.
चौथी को ससुराल में जला दिया गया.
पाँचवीं को सेना मे भरती किया गया है.
छठी ने अपने पति को मार दिया.
सातवीं ने पति के साथ जान दे दी.
आठवीं मेरे साथ ही जी रही है.
नौवीं को लोग मेरी बेटी कहते है.
आप सोच रहें हो कब लिखेगा दस.
मेरा मन कहता है अब करो “बस”.
हमेशा बुलाओ उसे उसके नाम से.
और जब भी देखो चेहरे के उसके,
तो न झांको उसकी टाँगों के बीच.
ताकि बचा सको अपने दिमाग को
ठीक उसी तरह दो फाँक होने से.
क्योंकि ऐसे गिनकर थक जाओगे.

आगन्तुकों से एक अपील
Jun 23rd
Posted by दरभंगिया in कवितायेँ
9 comments
हे आगंतुक गण! तनिक सुनो!
चाँद के गिर्द तारों के समान,
समंदरी रेत पर पाँव के निशान,
शादी के कार्डों पर छपे हुए नाम,
बधाईयों वाले कार्डों के पैगाम,
मौके बेमौके भेजे हुए टेलीग्राम
जैसी ही होती हैं इन चिट्ठों पर
हमारी और आपकी टिप्पणियाँ.
इसीलिये, जब आये हो यहाँ तो
इन कहावतों को चरितार्थ करो,
अपने आगमन को यथार्थ करो.
मुझे व मुझ जैसे लेखकों को
अपने कीबोर्ड से कृतार्थ करो.