एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
पुरुषों के लिए सुखी जीवन के १० उपाय
१) पत्नी बहुत बोलती हो तो? पढ़ने की आदत डालें.
२) पत्नी यदि सुबह की चाय नियमित नहीं बनाती हो तो? चाय बनाना सीख लें.
३) रोज रोज की मगजमारी न कर के पुरी तनख्वाह पत्नी के हाथ में दे देनी चाहिए. हाँ अपना खर्चा काट के ![]()
४) बच्चों के स्कूल की डायरी बच्चों की माँ को ही पढ़ने दें.
५) मकान-मालिक से कब क्या कहना है, पत्नी को स्वयं कहने दें.
६) दफ्तर पहुँचने के बाद शाम लौटने से पहले घर फ़ोन ना करें.
७) बच्चों को डांटे नहीं उसकी माँ से शिकायत करें.
८) उसकी सहूलियत के सामान जैसे कि वाशिंग मशीन, फ्रीज, वाक्यम क्लीनर जरूर खरीद दें. टी वी होना चाहिए (आप ही के काम आएगा).
९) नियमित रूप से उसे कहें की मैं तुम्हे प्यार करता हूँ और तुम बहुत सुन्दर दिख रही हो (डेली नहीं सप्ताह में एक दो बार).
१०) पत्नी यदि पति को नौकर समझे तो पति क्या करे? दो चार घर और पकड़ लेना चाहिए.
इन सब के ऊपर एक नियम ० (शुन्य) है जो हमेशा काम करती है.
०) कोई उपाय काम न करे तो सिर्फ और सिर्फ किस्मत को दोष देना चाहिए.
| Print article | This entry was posted by दरभंगिया on April 17, 2009 at 7:20 am, and is filed under हँसिये. Follow any responses to this post through RSS 2.0. You can leave a response or trackback from your own site. |


about 2 years ago
जी हाँ बिल्कुल शांतिपूर्ण जीवन जीने की कुंजी है आपके यह १० तरीके ।
about 2 years ago
क्या बात है भाई जी बहुत ही उम्दा सुझाव
about 2 years ago
मेरा तो एक ही उपाय है। कुँवारे रहें!
about 2 years ago
उम्मीद है कि यह फर्स्ट हैण्ड अनुभव होगा कौतुक ?
आपके इस विमर्श से थोडा सा ही सही एक रिलेटेड संस्कृत का श्लोक याद आ गया ! भड़क मत जाईयेगा कहीं !
अर्थागमों नित्यमरोगिता च
प्रिया च भार्या प्रियवादिनी च
वशस्य पुत्रो अर्थकरी च विद्या
खट्जीव लोकस्य जीवन राजन
देखिये कहीं कोई और न भड़क जाय ! मुझे भी कभे कभी ऐसे चुहल करने में मजा आता है !
जय हो !
about 2 years ago
कुछ उपाय पत्निओं के लिए भी बताइए
about 1 month ago
I will give u suggestion. Please meet me or call me at…….. 9528264330
about 2 years ago
बहुत बढिया पिट्ने से बचने के १० उपाय बढिया है
about 2 years ago
ठीक है, चलिए, किस्मत को दोष दिए देते हैं…
about 2 years ago
लाभकारी और उपायोगी उपायों के लिए आपका धन्यवाद ।
पीड़ित पतियों के रक्षार्थ इंटरनेट पर एक संघ की भी स्थापना की जा सकती है ।
about 2 years ago
patni se itne hi dukhi hain to talaak kyo nahi lete….hamesha ke liye sukhi ho jayenge.
about 2 years ago
वाह भाई छा गए …वैसे तो कोई एक्सपेरिएंस नहीं है …चूंकि कुंवारे हैं …पर आपका लेख गुदगुदाने वाला है
about 2 years ago
इस बात का ध्यान रखें कि ये टिप्स कहीं आपकी श्रीमती जी न पढ़ लें
about 2 years ago
old age men kya karoge.
about 2 years ago
प्वाइंट 10 उत्तम है।
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अगर आप हिंदी कुंजीपटल से अनभिज्ञ हैं तो
http://anektameekta.blogspot.com/
about 2 years ago
ladis k liye bhi bataiya
about 2 years ago
[0] upay hi badhiya hai
about 2 years ago
pathio ko kubh paise do … chup ho jayagi.
about 2 years ago
bagal wali se kubh battian karo
about 2 years ago
hello friends this is kamlesh kumar sharma here
agar koi sahj yoga main intersted ho ya aaurveda sambandit
kisi bhi problam ke liye main aap ke madad kar sakta hoon to i am reddy to healp u
about 2 years ago
aur haan ladies ke liye ye hai ki vo apne pati ke saamne kabhi kabhi jab pati jara bhi bhaav na de to uska koi dost vagarah ki taraf thoda huns ke deak le bas ho gaya kaam
leakin pati ke saamne only.
about 2 years ago
ye 10 upai aap beete bataye hai
about 9 months ago
baht achhe mere sath aisa hi hai
about 2 years ago
हाँ, भाग्य कहिये या दुर्भाग्य यह मेरा फर्स्ट हैण्ड अनुभव ही है.
वैसे श्लोकानुसार:
अर्थोपार्जन: जैसे तैसे हम सब कुछ न कुछ कर ही लेते हैं.
अरोगित्व: अरे बाप रे, यह शर्त तो अपूरणीय है.
अच्छी लगनेवाली और प्रिय बोलनेवाली पत्नी: श्रीमान. यदि किसी को मिले तो वे भाग्यशाली हो.
अपने आधीन पुत्र: …………..नो कमेंट्स…………..
अर्थकरी विद्या: बस उसी के लिए तो थोडा बहुत पढ़ते हैं लोग. वैसे….मोटी कमाई तो “अर्थ कर” ही ले जाता है.
about 2 years ago
ऐसी दुविधा में न डालिए. “आपन तेज सम्भारहूँ आपहिं”, मैं तो महिला वर्ग से बस इतना कह कर हाथ जोड़ लेता हूँ.
about 2 years ago
मैं तो मशखरी कर रहा था और आप बुरा मान गयीं.