मुझे इस नाम के बारे में कुछ भी नहीं पता था, अभी अभी गूगल समाचार देखा तो इनके बारे में पढ़ा. महिला दिवस पर भारत की लौह महिला बरी की गयीं. वे पिछले आठ सालों से मणिपुर में सत्याग्रह पर हैं और उन्हें जबरन पाइप के सहारे भोजन दिया जाता रहा है. और यह सत्याग्रह वह अपने लोगों को उन सनिकों से बचने की है जो द्वारा कानून का दुरुपयोग करते हुए अत्याचार करते हैं.

वह उस कानून का विरोध करती हैं जो सनिकों को सीमा के अन्दर संदिग्ध व्यक्तियों को मारने की अनुमते देती बिना किसी कानूनी कारर्वाही के भय के देती है.

उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति प्रेरणा लेने योग्य है.

सनिकों के बारे में कोई भी टिप्पणी करना उचित न होगा सो उस से मैं बच रहा हूँ.