परिचर्चा

एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग

एक और ब्लॉग चोर

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ये सज्जन संजीव जी बहुत सारे ब्लॉग पर लिखते हैं (शायद). फिलहाल तो मैं इन्हें कुछ कमेंट्स और एक मेल छोड़ आया हूँ. देखते हैं कि यह किस तरह पेश आते हैं. संभव हो तो आप भी लतियायें.

आजादी http://biharilal.blogspot.com/2009/04/blog-post_9537.html
एकांतवास में हड़बड़ी http://biharilal.blogspot.com/2009/04/blog-post_1147.html
१० पटाखे http://biharilal.blogspot.com/2009/04/blog-post_8412.html
दो डील: भगवान से http://biharilal.blogspot.com/2009/04/blog-post_9623.html
निकला न करो घर से अपने ऐ दोस्त http://biharilal.blogspot.com/2009/04/blog-post_9244.html

ये सारी रचनाएँ मेरी हैं.

http://paricharcha.wordpress.com/2009/04/07/ajadee/
http://paricharcha.wordpress.com/2009/04/09/wife-away/
http://paricharcha.wordpress.com/2009/04/09/ten-crackers/
http://paricharcha.wordpress.com/2009/04/11/two-deals/
http://paricharcha.wordpress.com/2009/04/12/nikla-na-karo-ghar-se/

उनका ईमेल sanjeevemails@gmail.com
उनका प्रोफाइल http://www.blogger.com/profile/11369086479501497417

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21 Responses to “एक और ब्लॉग चोर”


  1. rachna
    on Apr 14th, 2009
    @ 10:47 am

    contact google abuse immediately and his blog will be removed
    you please go to webmaster tools also on google


  2. अनिल कुमार
    on Apr 14th, 2009
    @ 11:01 am

    ब्लाग पोस्ट के प्रकाशन का समय देखा जाये तो साफ़ हो जाता है कि पहले आपने प्रकाशित की थी, उसके कुछ दिन बाद बिहारीलाल ब्लाग पर प्रकाशित हुई। मामला साफ है।

    बिहारीलाल ब्लाग पर जाकर वहां “Flag blog” का बटन दबायें, और कापीराइट नियम के अंतर्गत शिकायत दर्ज करायें। न्याय मिलेगा। हम सभी आपके साथ हैं।


  3. ShikhaDeepak
    on Apr 14th, 2009
    @ 11:10 am

    आप उचित कार्यवाही करें। हम सब आप के साथ हैं।


  4. दिनेशराय द्विवेदी
    on Apr 14th, 2009
    @ 11:24 am

    कॉपीराइट अधिनियम में कार्यवाही जरूर करें।


  5. neeshoo
    on Apr 14th, 2009
    @ 1:01 pm

    वगैर आपके अनुमति के इस तरह का प्रकाशन किया गया जो सर्वथा गलत है । आप अपनी शिकायत दर्ज करिये ।


  6. Dr Anurag
    on Apr 14th, 2009
    @ 1:43 pm

    जय हो भैय्या …..यानी कल को कोई भी आपकी पोस्ट दो साल बाद ले उडे …क्या करे ….क्या अनिल जी के सुझाये उपाय में दम है ?


  7. कौतुक
    on Apr 14th, 2009
    @ 2:06 pm

    आप सबों के सहयोग के लिए धन्यवाद.

    अभी तो मैंने ब्लॉग ओनर को मेल और टिप्पणी भेजी है. यदि यह एक दो दिनों में नहीं हटाया जाता तो मैं दी एम् सी ऐ पर शिकायत करूंगा. गूगल सिर्फ उन्ही शिकायतों को सुनता है जिसे इस फोर्मेट में भेजा गया हो.

    देखते हैं.


  8. संगीता पुरी
    on Apr 14th, 2009
    @ 4:07 pm

    गजब हिम्‍मत है … दूसरों की रचना को अपने नाम से छाप लेते हैं … इसके लिए सख्‍त कानून नहीं है क्‍या ?


  9. हिमांशु
    on Apr 14th, 2009
    @ 4:31 pm

    निंदनीय है यह | इसका इलाज होना ही चाहिए |


  10. mehek
    on Apr 14th, 2009
    @ 4:42 pm

    baapre itane saare post chori,aap to star ban gaye kautuk i,kehte hai jiske jitane post chori ,uska likha utana hi achha hota hai:),well well mazak baju karte thoda serious baat kare to ye bahut galat baat hai ,kisiki post apne naam se chapne ki,ek post likhane mein kitani mehnt lagti hai un logo ko pata nahi hota,sab ready made mamla chahiye. uff kab sudharenge ye log.


  11. mehek
    on Apr 14th, 2009
    @ 4:48 pm

    aur aapki kavitayen hamesha bahut hi achhi hoti hai ye to satya hai.


  12. कौतुक
    on Apr 14th, 2009
    @ 5:00 pm

    धन्यवाद.

    हा हा हा हा हा हा शुक्र है “सारा घर जल गया तब चूड़ियाँ देखी” वाली स्तिथि नहीं है मेरी.


  13. pt.d.k.sharma "vatsa"
    on Apr 14th, 2009
    @ 6:02 pm

    बेहद शर्मनाक….. अपनी औकात से बढकर दिखाने की हवस ही इन्सान के इस प्रकार के निन्दनीय कृ्त्य के लिए उत्तरदायी है.


  14. जि‍तेन्‍द्र भगत
    on Apr 14th, 2009
    @ 6:40 pm

    अफसोसजनक


  15. कविता वाचक्नवी
    on Apr 14th, 2009
    @ 6:42 pm

    शर्मनाक कृत्य।


  16. Abhishek
    on Apr 14th, 2009
    @ 9:26 pm

    Post hatane ke alawa apne blog par ‘Mafinama’ bhi dikhlana chahiye unhe.


  17. arvind mishra
    on Apr 14th, 2009
    @ 9:44 pm

    How disgusting and shameful act !


  18. mohan vashisth
    on Apr 14th, 2009
    @ 9:51 pm

    बहुत ही गलत है ये तो इस मामले में कुछ तो कठोर कदम उठाए जाने चाहिए अभी दो तीन दिन पहले रचना जी के ब्‍लाग से भी एक पोस्‍ट चोरी की गई थी और आज ये तो इसका मतलब तो ये हुआ ना कि जो आप जेसे अच्‍छा लिखने वाले हैं उनकी पोस्‍ट को ये चोर अपने ब्‍लाग पर लगाएं और हम खामहां खां ही उनकी वाहवाही करें बहुत ही गलत है


  19. गिरीश बिल्लोरे मुकुल
    on Apr 15th, 2009
    @ 12:52 am

    Ek p chidambaram or mil gaye


  20. rajkumar gwalani
    on Apr 15th, 2009
    @ 10:17 am

    कोतुक जी,
    वास्तव में ब्लाग जगत में काफी कुछ ऐसा है जिसको बदलने की जरूरत है और यह तभी संभव होगा जब वास्तव में गंभीरता से लिखने वाले ब्लागर एक होंगे। यह एक ऐसा मामला है जिस पर पूरी गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए आपको कोर्ट तक जाना पड़े तो जरूर जाएं। चोरों को अगर सबक नहीं सिखाया गया तो उनकी हिम्मत बढ़ जाएगी और वे ऐसी हरकतें लगातार करेंगे। गनीमत है कि जिस चोर ने चोरी की है आपका उसका नाम तो जानते हैं, अपने ब्लाग जगत में तो कई लोग ऐसे हंै जो छदम नाम से लिखते हैं। अगर कोई ऐसा चोरी चोर करें तो क्या करेंगे। होना तो यह चाहिए कि गुगल वालों को किसी का भी ब्लाग बनाने से पहले सारी जानकारी सही-सही लेने के बाद ही ब्लाग बनाने की इजाजत देनी चाहिए। इसी के साथ उनसे नियम और शर्तों का एक बांड भी भरवाना चाहिए ताकि यह ऐसे समय में काम आए जैसा की अभी हुआ है।


  21. kmmishra
    on Apr 15th, 2009
    @ 4:00 pm

    Yaar, Badi Kharab baat hai. Lekh pasand aa gaya hai to kam se kam ejazat to leni hi chahiye. Aap inse royalty ki bhi maang kar sakate ho. Dukh ki is ghadi mein hum sub apke saath hein. Vaise bhai tum hit ho gaye ho.

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