अभी अभी एक पोस्ट प्रकाशित यह दावा करते हुए प्रकाशित हुआ है कि भाजपा युवाओं का ख्याल रखने वाली पार्टी है.

मैं स्वयं भाजपा का वोटर और समर्थक हूँ, पर इसे नहीं मानता मैं. नेतृत्व के नाम पर मैं कहीं ज्यादा आधुनिक विचार वाला युवा और सामायिक रूप से युवा वर्ग पर प्रभावी व्यक्तित्व देखना चाहूँगा.  भारत के प्रधानमंत्री पद के उमीदवार कब्र में पाँव लटकाए बैठे हैं.

अनुशासन के नाम पर महिमामंडन या अपनी मनोकामनाएं पूरी करना कभी भी राष्ट्रहित या जनहित में नहीं हो सकता. यह बहुत ही पीडादायक है कि जिस देश की अधिकतम आबादी युवा हो वहां कोई भी युवा उच्चतम पद के लिए प्रस्तुत नहीं किया जाता. चाहे वह कोई भी पार्टी हो. इसका एक मूल कारण यह भी है कि अधिकतम पार्टियों के पुरानी पीढी के नेताओं का लक्ष्य सिद्ध नहीं हुआ है तो वह दूसरों को अवसर देने का त्याग कैसे करें.

ऐसा नहीं है कि योग्य और सक्षम नेतृत्व की कमी हो बल्कि पार्टियों में अनुशाशन के नाम पर अहम् तुष्टि की जो प्रथाएं चल रही हैं वह वरिष्ठों को किसी कनिष्ठ व्यक्ति को उच्चतम पद के लिए चुनने के इजाजत नहीं देता. जबकि अच्छा यह होगा कि  सभी मिल कर पार्टी और देश हित में सोचते हुए सबसे योग्य, प्रभावी और कर्मठ व्यक्ति को इन पदों के लिए चुने. अभीतक किसी भी पार्टी में यह संभव नहीं हुआ है और निकट भविष्य में संभव होता भी नहीं दिखता.

कुछ पार्टियों ने राज्य स्तर पर कुछ युवाओं को मुख्यमंत्री जैसे पद पर स्थापित किया है तो उसके दो ही कारण हैं, पहला कि वह वरिष्ठतम नेता का पुत्र है और दूसरा कि वह स्वयं इतना प्रभावशाली है कि पार्टी को उसके आगे नतमस्तक होना पड़ता है. परन्तु जैसे वर्त्तमान प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी पार्टी के अन्दर से चुनकर आये वैसे कोई युवा अभी तक किसी पार्टी से आते हुए नहीं दिखता.

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भाजपा है युवाओं का ख्याल रखने वाली पार्टी- भाजयुमो जिलाध्यक्ष