आज महिला दिवस है और कुछ बच्चियां गर्भ से ही गिरा दी जायेंगी क्यूंकि उसके माता पिता उसके जन्म लेने से असहज हो जायेंगे, उन माता पिताओं को यह भी डर है कि उनके माता पिता एक बेटी जनने से खुश नहीं होंगे. और जब किसी को खुशी ही नहीं होगी तो बेचारी को क्यों न अभी ही अलविदा कह दें. कुछ सासू माँ आज भी नाराज रहेंगी, कुछ जेठानियाँ, देवरानियाँ और ननदें आज फिर ताने मारेंगी. कहीं कोई लड़का आज फिर किसी लडकी को छेड़ रहा होगा. किसी लडकी के रिश्तेदार प्रतिष्ठा के लिए उसे जान से मारने की धमकी दे रहे होंगे. और इन सब में साथ दे रही होगी एक दूसरी महिला.
कितना अजीब है यह सब कुछ!
काश! महिला दिवस पर महिलाएं यह प्रण करें कि वे कभी किसी महिला को हानि नहीं पहुंचाएंगे ना ही किसी ऐसे व्यक्ति का साथ देंगे या उसे क्षमा करेंगे जो ऐसा करता हो. पुरुषों को तो वह जब चाहे काबू में कर सकती हैं बशर्ते वे स्वयं उपयोग में ना आयें. अन्यथा पुरानी कहावत है जो अपनी मदद नहीं कर सकता उसकी तो भगवान भी मदद नहीं कर सकते.
विश्व की सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनायें.
Roseanna Smallwood
on Sep 6th, 2010
@ 1:25 pm:
It was out of that world.