बंगलोर में आवासीय क्षेत्रों में आपको बच्चे स्कूटर-मोटरसाइकिल वालों से लिफ्ट मांगते दिखाई दे जायेंगे. शायद ऐसा अन्य शहरों में भी हो. शायद आप में से कुछ लोग सहृदय होकर उन्हें लिफ्ट दे भी देते होंगे. 

पर शायद आपने इस पहलू पर गौर ही न किया होगा कि आप कितना बड़ा जोखिम अपने ऊपर ले रहे होते हैं. यदि दुर्योग से आपकी गाड़ी किसी दुर्घटना का शिकार होती है और उसमें वह बच्चा थोड़ा भी आहत होता है या न भी हो और पुलिस आ जाये. और आपसे पूछे कि वह बच्चा कौन है,  तो आपको पता है आपकी क्या दशा होगी?

आप पर सीधे-सीधे अपहरण का मामला बन सकता है. फिर आपकी सारी की सारी सहृदयता धरी की धरी रह जायेगी. और जो काम आप छोटी सी भलाई सोच करने चले होंगे वह आपके परिवार की तबाही का कारण बन जायेगी.