सरकारी नौकरियों में ओ बी सी और एस सी / एस टी की तरह औरतों को भी आयु सीमा में राहत मिलनी चाहिए. इस का सीधा सा तर्क है. कई बार ऐसा होता है की पढाई के दौरान ही लड़कियों की शादी हो जाती है और उनकी पढाई में रूकावट आ जाती है. खास कर गांवों और छोटे शहरों में ऐसा अक्सर होता है. जब तक वह अपने को ससुराल में स्थापित करे और फिर से पढाई शुरू करे, कई बार उनके बच्चे भी हो जाते हैं. ऐसे हालात में एक बार फिर से पढाई को छोड़ बच्चों की परवरिश करनी पड़ती है. याने कि फिर से एक लम्बा अन्तराल. ऐसी महिलाओं को यदि अवसरों में आयु सीमा का रोक लगा कर अलग किया जाता है तो यह सरासर गलत है.
वह चाहे किसी भी वर्ग की महिला हो उसे यह हक होना चाहिए की वह अपने उन सखियों के साथ बराबरी कर सके जिसके साथ वह इम्तहान पास करती है. और इसके लिए नहीं बहुत तो आयु सीमा में कम से कम पांच साल की रियायत मिलनी ही चाहिए. विधि निर्माता इसे और भी तर्कसंगत बना सकते हैं. यह अवश्य ही महिलाओं के हित में होगा और उनके परिवार निर्माण में योगदान की क्षमता में वृद्धि करेगा. जिस से समाज और परिवार में उसका महत्व बढेगा.
वैसे तो मुझे इसकी उम्मीद कम ही है कि कोई विधि निर्माता इसे नोटिस में लेगा.
तूती को मालूम है नक्कारखाने उसकी आवाज नहीं सुनती
फर्ज यही है कि फिर भी तूती आवाज लगाती रहे.
neeshoo
on Apr 13th, 2009
@ 11:52 pm:
विचार अच्छे लगे आपके ।
Shyamal Suman
on Apr 14th, 2009
@ 6:13 am:
सुविधा नारी को मिले दिया है इस पे ध्यान।
मिले सफलता आपको लगे रहें श्रीमान।।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
http://www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com
rajkumar gwalani
on Apr 15th, 2009
@ 10:26 am:
कोतुक जी,
वास्तव में ब्लाग जगत में काफी कुछ ऐसा है जिसको बदलने की जरूरत है और यह तभी संभव होगा जब वास्तव में गंभीरता से लिखने वाले ब्लागर एक होंगे। यह एक ऐसा मामला है जिस पर पूरी गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। इसके लिए आपको कोर्ट तक जाना पड़े तो जरूर जाएं। चोरों को अगर सबक नहीं सिखाया गया तो उनकी हिम्मत बढ़ जाएगी और वे ऐसी हरकतें लगातार करेंगे। गनीमत है कि जिस चोर ने चोरी की है आपका उसका नाम तो जानते हैं, अपने ब्लाग जगत में तो कई लोग ऐसे हंै जो छदम नाम से लिखते हैं। अगर कोई ऐसा चोरी चोर करें तो क्या करेंगे। होना तो यह चाहिए कि गुगल वालों को किसी का भी ब्लाग बनाने से पहले सारी जानकारी सही-सही लेने के बाद ही ब्लाग बनाने की इजाजत देनी चाहिए। इसी के साथ उनसे नियम और शर्तों का एक बांड भी भरवाना चाहिए ताकि यह ऐसे समय में काम आए जैसा की अभी हुआ है।