एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
टेस्ट पोस्ट पर छह टिप्पणियाँ
अभी मैंने अपना ब्लॉग www.wordpress.com से wordpress.org पर स्थांतरित किया और भतेरे (हम इसको अनूप जी की शब्दावली से चुरायिस) लोगों ने मेरे टेस्ट पोस्ट पर, जो कि चिट्ठाजगत की फीड में गड़बड़ी ठीक करने के बाद जाँचने के लिये लिखी थी, वाह वाह कर दिया. हम उपकृत हुये और एक और पोस्ट ठेल रहा हूँ. हाँलाकि होली नहीं है फिर भी अनुरोध है कि “बुरा न मानो”.
टेस्ट पोस्ट पर छह टिप्पणियाँ
सबकी सब जैसे झुनझुनियाँ
मजा बहुत आवे है हमको
जब सब बोले हम को गुनिया
अब का कहें हम मति तिहारी
मिला टेस्ट को भी बलिहारी
सब लोगन ने है अब ठाना
नये ब्लॉग पर है टिपियाना
सबने माँगा वचन सुहाना
होगा इसका कर्ज चुकाना.
| Print article | This entry was posted by दरभंगिया on August 19, 2009 at 8:19 am, and is filed under कवितायेँ, हँसिये. Follow any responses to this post through RSS 2.0. You can leave a response or trackback from your own site. |
