एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
आप होली कैसे मनाएंगे?
होली का दिन है, उस पर वृहस्पतिवार है
सिर्फ शाकाहारी भोजन ही बनाऊँगा, खाऊँगा
फिर जो बचा वो आप से दोस्तों को खिलाऊँगा
दारू पीने पर बीवी ने लगाई है पाबंदी
उम्मीद नहीं है की मिलेगी रजामंदी
सो रहेगी इस बार होली में नशाबंदी
बैठ के दोस्तों के संग गप्पे मारेंगे
साल भर न ले पाया जो चुटकियाँ
वह इस होली में सखियों से चुकायेंगे
ज्यादा नहीं लिखूंगा वर्ना डर यह भी है
कि वो अभी मारे डर के बिदक जायेंगे
इस होली को क्या, कभी नजर नहीं आएंगे
तो जरा कीजिये कुछ छंदबद्ध टिप्पणियाँ
जिन्हें सुना कर चाहे मिले ताली या गाली
होली में आपके नाम सब कुछ झेल जायेंगे.
| Print article | This entry was posted by दरभंगिया on March 4, 2009 at 7:32 pm, and is filed under कवितायेँ, हँसिये. Follow any responses to this post through RSS 2.0. You can leave a response or trackback from your own site. |


about 2 years ago
aapki rachana pasand aayi. man mayour ho utha.
ise ratlam, jhabua(M.P.), dahod(gujarat) se prakashit Dainik Prasaran me prakashit karane ja rahhn hoo. kripaya aap apana postal address pan_vya@yahoo.co.in par mujhe send karen, taki aapko prati pahoochayi ja saken.
about 2 years ago
धन्यवाद, मैं आभारी हुआ
पता मैंने आपके इ-मेल पर भेज दिया है.