लंका, पाक और नेपाल
तिब्बत, बर्मा और बंगाल.
हाय रे भारत का भाग्य
मिले पड़ोसी सब जंजाल.

भये आजादी को साल साठ
गये पढ़े पढ़ाये कितने पाठ.
फिर भी ना जब आयें बाज
कैसे करें यह इनका इलाज.

अनचाहे रहते उलझते इससे
चीन, अमेरिका, इंग्लिस्तान.
परेशान है देश हर ओर से
कैसे बचाए सबकी जान.

उनसे अलग संतान देश की
आन देश की, बान देश की.
देखो कैसे बेकार भटक रहे
और गिराते शान देश की.

कंगारूओं की गलती होगी
हम भी कहाँ बाज हैं आते.
उनके घर में ही बैठ कर
दिन रात उनको गरियाते.

भूत उनका है सब जानते
वे न कोई नियम मानते.
यदि पता है,  नहीं सुरक्षित
क्यों न लौट तुम हो आते.

सड़कें वहां की बहुत है चौड़ी
हैं इम्रारत भी गगन को छूते.
पर देखो ना, क्या नहीं यहाँ पर
अपने शहर भी नहीं रहे अछूते.

हाँ माना थोड़ी कठिनाई है
पर कब इतनी शामत आयी है.
जो छोड़ के घर यह तुम्हारा
ऑस्ट्रेलिया तुमको भायी है.