Posted on September 19th, 2009 in मेरी बात
17 सितम्बर की चिट्ठाचर्चा अनूप शुक्ल ने की. चर्चा में उन्होंने कुछ प्रश्नों के उत्तर भी दिये. उनके उत्तर देने की देर थी की अपने चिरिन्नोसेन्ट समीर जी क्षमा माँगते नजर आये. उनके क्षमा माँगने की अदा इतनी प्यारी है कि जिससे क्षमा माँगें वही क्षमा का पात्र लगे. उन्होंने परमाणु विस्फोट के [...]


