अक्टूबर में एक ब्लैक्बेरी खरीदा, फोन तो बहुत अच्छा है पर एक मुश्किल है. हिन्दी नहीं पढ सकता. तीन महीनें से कोशिश कर रहा हूँ पर ब्लैकबेरी ९००० बोल्ड पर हिन्दी नहीं देख पा रहा. यदि किसी सज्जन को पता हो तो कृपया बतायें.
रोज देखता हूँ कुछ कुछ रेंगते हुए लोग
और उनसे लिपट कर रेंगते हुए कुछ और लोग.
दिन रात बस उन्हीं से पाला पड़ता है मुझे
मैं भी उनसे डरकर अब रेंगना सीख रहा हूँ.
मुझे याद आता है वो दिन भी
जब जोड़ से पत्थर उठा कर फेंका था
उस कीचड़ उछाल कर जाती कार को.
पर ये तब की बात [...]
जय होगी हमारी निश्चित ही
पर निर्णय लेना होगा यह
कि कितना स्वार्थ समोचित है.
है नही दोष निज उन्नति में
जब तक न पाप समाहित हो
करता यह जन-कल्याण ही है.
यदि शिक्षा एक साधन हो
बस कुटुम्ब पालन का तो
इतर कहाँ हम पशुओं से.
हैं गिले व शिकवे सबको यहाँ
और दोष नहीं है इसमें भी
पर देख तेरे प्रतिदान का अंश.
बेटों ने फिर कहा “पिता जी यूँ तो इस विषय पर बात करने की जरूरत ही नहीं है, पर आप चाहते हैं तो हम सुबह बात करेंगे, हम बहुत थके हुए हैं”.


