कल तोता मैना गए बाजार
दोनों के हो गए आँखे चार
बीच सड़क पर कौआ देख
भागे जान बचा के यार
दरअसल वह कौआ कहता
क्यों मैना संग तोता रहता
भेज तोते को उसके परिवार
मैना को मारो थप्पर चार
कौए की चिंता है अतिभारी
कि करोगे कैसे इनमे भेद
जो यह दोनों व्याह रचा लें
और रंग बिरंगे अंडे जन्मा लें
मैना का बापू है कमजोर
कर न पायेगा वह हथजोड़
यही सोच कर मैना भोली
कौआ देख के सीधी हो ली
यह तोता है नेता का बेटा
बाप बहुत भाषण है देता
उसका हो जायेगा बंटाधार
किया जो किसी ने अत्याचार
बाज हुआ करता है राजा
पर उसको भी है लालच एक
शिकार औरों से है करवानी
सो कौआ करता मनमानी