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१४१७ (२००९-२०१० ई०) सालक शुभ-दिनक सूची
Aug 13th
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१४१७ (२००९-२०१० ई०) सालक शुभ-दिनक सूची (मिथिलादेशीय मकरन्दानुसार) |
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| उपनयनक दिन | २०१० जून में २१ व २२ |
| विवाहक दिन | २००९ नवम्बर में १९, २२, २३, २७
२०१० मई में २८ व ३० २०१० जून में २, ३, ६, ७, ९, १३, १७, १८, २०, २१, २३, २४, २५, २७, २८, ३० २०१० जुलाई में १, ८, ९, १४ |
| द्विरागमनक दिन | २००९ नवम्बर में १८, १९, २३, २७, २९
२००९ दिसम्बर में २, ४, ६ २०१० फरवरी में १५, १८, १९, २१, २२, २४, २५ २०१० मार्च में १, ४, ५ |
| मुंडनक दिन | २००९ नवम्बर में १८, १९, २३
२००९ दिसम्बर में ३ २०१० जनवरी में १८, २२ २०१० फरवरी में ३, १५, २५, २६ २०१० मार्च में ३, ४ २०१० जून में २, २१ २०१० जुलाई में १ |
१४१७ (२००९-२०१० ई०) सालक मिथिलाक शुभ-दिन व पावनि-तिहार
Aug 9th
सभ मैथिल लोक जे बाहर रहैत छथि, हुनका लेल प्रस्तुत अछि मिथिला पंचान्गानुसार पर्व-त्योहारक दिन.
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१४१७ (२००९-२०१० ई०) सालक पर्व सूची (मिथिलादेशीय मकरन्दानुसार) |
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| मौना पंचमी | १२ जुलाई |
| मधुश्रावणी व्रत | २४ जुलाई |
| नागपंचमी | २६ जुलाई |
| रक्षाबन्धन | ५ अगस्त |
| जन्माष्टमी व्रत | १३ अगस्त |
| कृष्णाष्टमी व्रत | १४ अगस्त |
| कुशी अमावश्या | २० अगस्त |
| हरितालिका व्रत | २३ अगस्त |
| चौठचन्द्र व्रत | २३ अगस्त |
| कर्मा-धर्मा ११ व्रत | ३१ अगस्त |
| इन्द्रपूजारम्भ | १ सितम्बर |
| अनन्त पूजा | ३ सितम्बर |
| अगस्त्यार्घदान | ४ सितम्बर |
| पितृपक्षारम्भ | ५ सितम्बर |
| जिमूतवाहन व्रत | ११ सितम्बर |
| मातृनवमी | १३ सितम्बर |
| विश्वकर्मा पूजा | १७ सितम्बर |
| कलशास्थापन, दूर्गा पूजा आरम्भ | १९ सितम्बर |
| बेलनौती | १४ सितम्बर |
| पत्रिका प्रवेश | २५ सितम्बर |
| महाष्टमी व्रत | २६ सितम्बर |
| महानवमी व्रत | २७ सितम्बर |
| विजयादशमी, दशहरा | २८ सितम्बर |
| कोजागरा | ३ अक्तूबर |
| धनतेरस | १५ अक्तूबर |
| (दिवाली, दीपावली या दियावाती) व श्यामा पूजा | १७ अक्तूबर |
| अन्नकूट, गोवर्धन पूजा | १८ अक्तूबर |
| भ्रातृ द्वितिया, चित्रगुप्त पूजा, भरदुतिया | २० अक्तूबर |
| छठि व्रत | २४ अक्तूबर |
| अक्षय नवमी | २७ अक्तूबर |
| देवोत्थान एकादशी | २९ अक्तूबर |
| कार्तिक पूर्णिमा | २ नवम्बर |
| सोमवारी अमावश्या व्रत | १६ नवम्बर |
| विवाह पंचमी | २१ नवम्बर |
| षा० रवि व्रतारम्भ | २२ नवम्बर |
| नवान्न पार्वण | २५ नवम्बर |
| नरक निवारण चतुर्दशी व्रत | १२ जनवरी |
| मकर संक्रान्ति | १४ जनवरी |
| सरस्वती पूजा | २० जनवरी |
| अचला सप्तमी | २१ जनवरी |
| शिवरात्रि व्रत | १२ फरवरी |
| होलिकादहन | २८ फरवरी |
| होली | १ मार्च |
| वारुणी योग | १३ मार्च |
| सोमावती अमावश्या व्रत | १५ मार्च |
| वा० नवरात्रारम्भ | १६ मार्च |
| वा० छठिव्रत | २१ मार्च |
| रामनवमी व्रत | २४ मार्च |
| मेष संक्रान्ति | १४ अप्रैल |
| जूड़शीतल | १५ अप्रैल |
| षा० रविव्रतान्त | २५ अप्रैल |
| जानकी नवमी | २२ मई |
| वटसावित्री व्रत | १२ जून |
| गंगा दशहरा | २१ जून |
| श्री जगन्नाथ रथ यात्रा | १३ जुलाई |
| हरिशयन एकादशी व्रत | २१ जुलाई |
| आषाढ़ी पूर्णिमा | २५ जुलाई |
ऐना कियै छैक
May 29th
भोर भेल,
ओ तैयार भेलाह.
दुपहरिया भेल,
ओ बिदा भेलाह.
सांझ भेल,
ओ पहुँच गेलाह.
राति भेल,
वो भेंट भेलाह.
भोर भेल,
ओ हेरा गेलाह.
सुनालियैक,
हमर बियाह भय गेल. More >
जानकी! कतए छी? आउ नैहर
Apr 21st
जानकी! कतए छी? आउ नैहर.
देखू ने धिया पुता सब पैघ भय गेल.
किछ तऽ नेतो बनल अछि.
पैघ कुर्सी पर चढ़ल अछि.
वचन दऽ कय जाए कोना
दृग आ मुंह मोरि लेने अछि.
जानकी! कतए छी? आउ नैहर.
आउ बुझबियौक ओकरो कने
कोना राम राज्य चलै छल. More >
मिथिलाक विकास कोना होएत
Mar 9th
मिथिलाक प्रत्येक व्यक्ति जे बाहर रहैत छथि सम्भवतः वापस आबए चाहैत छथि, मुदा करता की? जतए कतहु रहैत छथि जीविका उपार्जन मे ओझरा कए रहि जाएत छथि आओर यदि ओहि सँ उबरि गेलाह तँ धनोपार्जन मे लागि जाएत छथि। काज ई दुनु सेहो जरूरी छैक।मोन हुनको कचोटैत होयेबे करतन्हि जे मातृभूमि लेल किछ नहि कए पाएब रहल छथि। तथापि किछ लोकन्हि एहन होयेताह जे किछ करए चाहैत होएताह। कोनो व्यवसाय, कोनो नौकरी वा स्वाध्याय। परन्तु एक नजरि अहि पर देल जाऊ जे अवसर कतेक अछि?
हमरा लंदन सँ दिल्ली आबै मे 10 घंटा लगैत अछि मुदा दिल्ली से गाम पहुन्च्बा मे 20 घंटा। छोरु दिल्ली के पटना मात्र 175 किलोमीटर अच्छी मुदा लगभग 8 घंटा लागि जाएत अछि, दरभंगा मात्र 35 किलोमीटर लेकिन लागत दू घंटा । तहु पर यदि राति भय गल तँ रास्ते मे रहै परत। चलू ओहो स्वीकार दु पाई कम्मे कमा कए बच्चा सबहक नीक शिक्षा के सोची तँ युनिवसि॓टी आ विद्यालय केर हालत देखि कए सिहरि जाएत छी।यदि स्वास्थ्यक कोनो समस्या होए तँ कतय जाएब? गाम में तँ डाक्टर भेटता तकर कोनो गारंटी नहि.
ई सम्भव नहि छैक जे परिवारक रिस्क लय कय समाजक उद्धार करय लेल सभ लोकन्हि सहमत होएत. एहन बहुत रास छोट छोट गैप छैक जे ध्यान मंगैत छैक. वास्तव में बहुत स्वार्थी भये कय कही सकैत छी जे यदि कोई कठिन परिस्थिति से उबरि जायेत तँ वापस ओही में नहि जाए चाहत। तथापि एहन कम्मे मैथिल छथि जे गाँव सँ संपर्क निकुन्न कयने छथि.
जे समाज मे रहि रहल छथि यदि हुनका दिक्कत नहि होयेत छन्हि आओर यदि दिक्कत होयेत छन्हि तँ ओ चुप्प छथि तँ बाहर रहनिहार की करताह?
हमरा अंदाज सँ अधिकतर लोक जे बाहर रहैत छैथ कोनो ने कोनो रूपे गाम के मददि करिते छैथ। अधिकांशतः आर्थिक रुपे। तँ यदि अर्थ मददि नहि कए सकैत अछि तँ की मददि करत?
अहाँ कही सकैत छी जे नब विचार मददि करतैक। मुदा विचारक उपयोग लेल बहुत निष्ठा, सकारात्मक सोच आओर अधीर प्रयत्न लग्तैक। दोसर बाहर रहनिहार वाला सँ सोच मिलब सेहो अत्तेक आसान नहि छैक. बेसी काल सुननिहार के ई लागतैक जे छाँटि रहल छथि. हमर कहब जे पहिन प्रयास जे लोकन्हि गाम में रहि रहल छठी हुनका लोकन्हि के करय पड़तन्हि.
गाम विकास नही कएलक ता दोष ककर, पहिल दोष हरदम नागरिक के होएत छैक. हम ई मानैत छी जे ई आसान काज नही छैक. ताहि पर सँ ई बड़का छोटका आओर जाति धर्मक राजनीति जे प्रत्येक गुप्प में घुसि जायेत छैक से अलग. मुदा परिस्तिथि के अनदेखा नहि कएल जायेत सकैत अछि.
एकर निदान हमरा विचार सँ “जागरूकता” थिक. यदि कहुना कय सभ मैथिल के ई बुझायेल जाय सकैत
- जे विकास पहिल प्राथमिकता होएबाक चाही चाहे नेतृत्व कोनो वर्गक हाथ में रहए
- कि सरकारी तंत्र से काज कोना करौल जाए से बुद्धि सभ के बतोल जाए
- कि ग़लत होएत काजक विरोध कोना कएल जाए
- कि शिक्षा सभहक लेल जरूरी छैक ओर ओकरा में कोनो भेद भाव नही राखल जाए
- कि वर्गक भेद सभ काज में नही आनी, पावनि त्यौहार, वियाह दान अलग थिक आओर समाजक विकास अलग
- कि चुनाओ में वोट जातिक नहीं बल्कि उमीदवार के व्यक्तित्व अओर ओकर क्षेत्र के प्रति निष्ठां पर आधारित रहय
- कि सरकार कोण कोण योजना गमक विकास लेल शुरू कयने अछि अओर ओकर प्रगति कोना भये रहल अछि
- कि अधिकारीगण से कोना काज कराओल जाय
- कि मात्र छोट मोट निज स्वार्थ लेल समाजक हित ताक पर नहि राखी
एहन बहुत रास गुप्प छैक जे समाज के विकासक दिश लय जायत.

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