लेखा को समझ “ले” और “खा”
मिल के दोनों बाप और पूत
कर गए सात अरब का लूट
नाम है सत्यम बेचते झूठ

सब कानून को चकमा दे कर
५३ हजार को सदमा दे कर
बाजार कर दिया चकना चूर
नाम है सत्यम बेचते झूठ

देश और आंध्र के गर्व थे जो
लाखों की उम्मीद रहे जो
आज हो गए हैं देश कपूत
नाम है सत्यम बेचते झूठ