एक हिन्दी-मैथिली ब्लॉग
Posts tagged मशखरी
अब चढ़ी इसको
Jun 17th
बहुत दिनों बाद यह किस्सा याद आया, तो सोचा आप लोगों से भी बाँट लूं. हो सकता है आप ने पहले भी सुना हो.
एक बार की बात है. नारद मुनि भगवान शिव को प्रणाम करने पहुंचे, देवी पार्वती मायके गयीं हुई थी. महादेव के पास ध्यान योग के पश्चात् भी समय ही समय था. नारद जी ने चुटकी ली “प्रभू फोर्स्ड बैचेलरहुड एन्जॉय कर रहे हैं”. महादेव ने मुस्कुराते हुए कहा आप तो इन सबसे अलग हो स्वयं विश्व भ्रमण करते रहते हैं, अच्छे अच्छे दृश्य और व्यंजनों से आपका मन न अघाता होगा और हम यहाँ भांग खा कर सर्दी में गुजारा करते हैं ऊपर से आप को चुटकी सूझ रही है. …………….आगे पढ़िये
पागल हूँ, बेवकूफ नहीं
May 29th
एक बार पागलों को ले कर जाने वाली एक गाड़ी के ड्राईवर को रास्ते में ही दीर्घ शंका की तत्काल आवश्यकता महसूस हुई. वह गाड़ी खड़ी कर निपटने चला गया. लौट कर जब आया तो उसके होश उड़ गए, देखता है कि किसी ने एक चक्का निकाल लिया. अब ड्राईवर बेचारा सर पकड़ कर बैठ गया. उसके पास स्टेपनी तो थी पर नट्स नहीं थे. वह पागलों को छोड़ कर कहीं जा भी नहीं सकता था और न ही उनमे से कोई उसकी मदद कर सकता है. बात पुराने ज़माने की है जब मोबाइल की छोडिये टेलीफोन भी सज्जनों की तरह विरले ही दिखते थे.
बहुत देर तक जब गाड़ी न चली तो एक पागल ने पूछ ही लिया, “क्या हुआ?”
हालाँकि उसे जवाब देने का कोई फायदा नहीं दिखता था फिर भी कोई तो समस्या पर बात करने वाला है सोच कर बोला “गाड़ी एक चक्का कोई निकाल ले गया, स्टेपनी है पर नट्स नहीं हैं. अब इसे लगाऊं तो पहुंचूं.”.
इस पर पागल बोला “तो इसमें ऐसे सर पकड़ कर क्यों बैठे हो? चारों चक्के से एक एक नट निकाल कर चौथा चक्का लगा लो”.
ड्राईवर खुशी से उछला और पागल की तारीफ में बोला “अरे वाह, लोग खामखा तुम्हे पागल कहते हैं तुमने कितने अकल की बात की है”.
पागल बोला “पागल हूँ, बेवकूफ नहीं”.
पुरुषों के लिए सुखी जीवन के १० उपाय
Apr 17th
१) पत्नी बहुत बोलती हो तो? पढ़ने की आदत डालें.
२) पत्नी यदि सुबह की चाय नियमित नहीं बनाती हो तो? चाय बनाना सीख लें.
३) रोज रोज की मगजमारी न कर के पुरी तनख्वाह पत्नी के हाथ में दे देनी चाहिए. हाँ अपना खर्चा काट के ![]()
४) बच्चों के स्कूल की डायरी बच्चों की माँ को ही पढ़ने दें.
५) मकान-मालिक से कब क्या कहना है, पत्नी को स्वयं कहने दें.
६) दफ्तर पहुँचने के बाद शाम लौटने से पहले घर फ़ोन ना करें.
७) बच्चों को डांटे नहीं उसकी माँ से शिकायत करें.
८) उसकी सहूलियत के सामान जैसे कि वाशिंग मशीन, फ्रीज, वाक्यम क्लीनर जरूर खरीद दें. टी वी होना चाहिए (आप ही के काम आएगा).
९) नियमित रूप से उसे कहें की मैं तुम्हे प्यार करता हूँ और तुम बहुत सुन्दर दिख रही हो (डेली नहीं सप्ताह में एक दो बार).
१०) पत्नी यदि पति को नौकर समझे तो पति क्या करे? दो चार घर और पकड़ लेना चाहिए.
इन सब के ऊपर एक नियम ० (शुन्य) है जो हमेशा काम करती है.
०) कोई उपाय काम न करे तो सिर्फ और सिर्फ किस्मत को दोष देना चाहिए.
१० पटाखे
Apr 9th
१) एक सच्चे संगीत प्रेमी की पहचान क्या है?
जब एक आदमी एक औरत को बाथरूम में गाते सुनता है और फिर दरवाजे के छेद में आँख की बजाय कान लगा देता है.
२) हाईवे पर भैंस पर चढ़ कर जाते हुए एक व्यक्ति को ट्रैफिक हवालदार ने रोका, हेलमेट कहाँ है? जुरमाना लगेगा.
भैंससवार बोला: ध्यान से नीचे देख फोरव्हीलर है.
३) कंजूसी की हद क्या है?
सेकंड हैण्ड नैनो जिसमे गैस किट लगा हो खरीदने का इस्तहार देना.
४) शिक्षक: राहुल शराब नहीं पीता, इसमें राहुल क्या है?
विद्यार्थी: राहुल गधा है.
५) १० प्रतिशत दुर्घटनाएं शराब पीकर चलने से होती है. तो साबित होता है कि शराब नहीं पीने से ९० प्रतिशत दुर्घटनाएं होती हैं.
६) चांदनी रात थी, नदी का किनारा था, आसमान में तारों का नजारा था ऐसे में नौकर ने नौकरानी से कहा “आ बीड़ी पी ले”.
७) एक नर्स साक्षात्कार देने आयी.
डॉक्टर: कितनी तनख्वाह चाहिए?
नर्स: बारह हजार.
डॉक्टर: माई प्लेजर
नर्स: फिर तो २५ हजार
८) तुम्हारी गर्लफ्रेंड का एस एम् एस मिला है कहती है कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाना को ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी है बोम्ब से उड़ा दो साले को.
९) जीजा: साली जी, आपके यहाँ कि सबसे मशहूर चीज़ कौनसी है?
साली: जीजा जी, जो मशहूर थी, उसे तो आप ले गए!
१०) केमिस्ट्री की क्लास में शिक्षक ने पुछा नाईटरेट क्या है. लडकी बोली वह दिन का दुगुना है.
मजाक हो गया अब कुछ सीरियस बातें. फालतू मेल फॉरवर्ड मत कीजिये. मैं ऐसे इमेल न फॉरवर्ड करता हूँ न करने की सलाह देता हूँ. वास्तव में हैवी फोर्वार्ड्स एक सोची समझी साजिश के तहत शुरू होती है जिसका उद्देश्य होता है इन्टरनेट को चोक (जाम) करना. और हम में से बहुत इस काम में इस कुकृत्य में मदद करते हैं. बिना यह जाने कि यह हमारे नुक्सान के लिए ही बनाया गया है. इन्टरनेट धीमा होगा या बंद होगा तो हमारे काम धीमे चलेंगे. और हम जैसे लाखों लोगों का नुक्सान होगा, जो कि ऐसे फॉरवर्ड बानने वाले चाहते हैं.
मैं उर्मीला मतोंडकर से शादी करना चाहता था
Apr 6th
जवानी के दिनों में लगभग हर लड़का किसी न किसी अदाकारा का दीवाना हो जाता है. मैं उर्मीला का था. पर दिल को पूरा यकीन था की उर्मीला तो हमारे लिए चाँद है. और यदि चाँद मिल भी जाये तो उसे रखोगे कहाँ? मान लो वह कह भी दे कि मैं तुम्हारे दिल में रह लूंगी. पर दिल में खाना-पीना, सोना, गाना, नाचना और नहाना-धोना, कपडे सुखाना, सामान रखना, गाड़ी पार्क करना वगैरह? ना बाबा ना, रखूंगा तो घर ही.
फिर हमने ख्याल किया कि पूरी की पूरी उर्मीला न रख कर उसकी छवि दिल में बसा लेंगे. पर हुआ यूँ कि हम आ गए नौकरी में और हमारी प्यारी उर्मीला दिल में अन्दर ही अन्दर बहुत अन्दर दबती चली गयी. उसके ऊपर आ गया था महीने का किराया, मोटरसाईकिल की किश्तें, बनिए का बिल आगे की पढाई-लिखाई के खर्चे वगैरह.
फिर हमारी माता-राम को यह समझते देर नहीं लगी कि अब मुझे उर्मीला की जगह यदि कोई और देखभाल (परेशान) करने वाली कुछ साल और न आयी तो फिर कहीं मैं भी वाजपेयी जी से प्रेरित न हो जाऊं. सो चारों और जासूस भेजे और ढूंढ ही लिया हमारे वर्त्तमान पत्नी को. (यह भी प्यारी कहानी है, लिखूंगा जीवनी में
)
अब आप पूछोगे कि अचानक से उर्मीला की याद क्यों आ गयी? तो हुआ यह कि मैं अभी अभी एक नुक्कर पर चाय पीने गया और वो दिख गयी. फिर मुझे याद आया कि उर्मीला अभी तक कुंवारी है. और मन में पश्चाताप की भावना आ रही है कि कहीं वह तपस्या तो नहीं कर रही. वैसे भी उसकी योग मुद्राएँ बहुत गंभीर होती हैं. रंगीला की उसकी मुद्राएँ तो बाबा रामदेव को कभी भी पछाड़ दे.
अब उर्मीला दिल में इतनी अन्दर घुसी हैं कि ढूंढें नहीं मिलती, और मिलेगी भी कैसे उसके ऊपर बाकी जिम्मेदारियों और दो बच्चों के साथ आजकल एक महिला बैठी दिखती है, जिसे लोग बहुत ही आदर से मेरी पत्नी कहते हैं.
बेचारी उर्मीला तक यदि कोई यह सन्देश पहुंचा दे कि मैं अब उसके काम का न रहा. ताकि वह भी किसी का, भूतों के कॉमेडी फिल्में बनाने वाले का ही सही, हाथ पकड़ ले.



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